बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: प

अक्षर 'प' से शुरू होने वाले शब्द

arrow_back वापस जाएं

पूरौ [pUrau]

वि.
पूर्ण, संपूर्ण, जो अधूरा न हो.

पूरौ पारै [pUrau pArai]

वि.
क्रि. पूरा पड़ जाए, पार लगना.

पूर्वा [pUrvA]

सं.स्त्री.
सत्ताइस में से ग्यारहवाँ नक्षत्र.

पेंच [penc]

सं.स्त्री.
करधन के दोनों सिरों को जोड़ने वाली कील.

पेटी [peTI]

सं.स्त्री.
संदूक, हारमोनियम, कमर कसने की बैल्ट, कारतूस लगाने की बैल्ट.

पेटीकोट [peTIkoT]

सं.पु.
साड़ी के नीचे पहनने का अंतर्वस्त्र, कम घेर का घाघरा.

पेटू [peTU]

वि.
अधिक खाने वाला.

पेठा [peThA]

सं.पु.
एक फल जिसको सुखाकर चीनी की चासनी में डालकर बनाई गई मिठाई.

पेड़ा [peRA]

सं.पु.
दूध के खोये से बनने वाली मिठाई.

पेंड़ौ [penRau]

सं.पु.
पाला, प्रतिद्वंद्विता, मुकाबला, संघर्षपूर्ण, सम्मुखता.

पेन्ना Variant: वै.रू. पेरना. [pennA]

सं.स्त्री.
कार्य की जटिलता उबाऊ और थकान पैदा करने वाली स्थिति, पस्त करने वाला काम.

पेराख [perAkh]

सं.स्त्री.
लगभग एक या डेढ़ किलो गुजिया जिनको मेवों से सजाकर बनाया जाता है.

पेलबौ [pelabau]

क्रि.स.
बलपूर्वक आगे बढ़ना.

पेले [pele]

वि.
क्रि. दूसरी बार.

पेसगार [pesagAr]

सं.पु.
शिकार, अधिकारी के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत करने वाला.

पेसा [pesA]

सं.पु.
सेवा, धंधा, वेश्या का धंधा.

पेसादार [pesAdAr]

सं.पु.
गंदी सेवा करने वाला.

पेस्तर [pestar]

वि.
क्रि. पहले, पूर्वकाल.

पैकरा [paikarA]

सं.पु.
पैकड़ा, एक प्रकार का फफूले के समान फोड़ा जिसमें पानी फुलक जाता है.