अक्षर: त
अक्षर 'त' से शुरू होने वाली कहावतें
arrow_back वापस जाएंतला खुदौ नइयाँ, मगर सुसानईं लगे।
तालाब तो खुदा नहीं, और मगर पैर पसार कर सोने के लिए आ गये ! अर्थात कोई वस्तु बन कर तो तैयार नहीं हुई और चाहने वालों की भीड़ लग गयी।
तला में रै के मगर सों बैर।
किसी बड़े आदमी के आश्रित रह कर उससे बुराई मोल नहीं ली जाती।
तवा पै बूंद परी और छनक गई।
ऐसे व्यक्ति के लिए जिस पर किसी बात का कोई असर न हो।
ताँत बाजी, राग पहचानो।
सारंगी या सितार के बजते ही पता चल जाता है कि यह कौन सा राग है। उसी तरह किसी मनुष्य के बोलते ही उसके मन के असली भाव अथवा उसकी योग्यता का पता चल जाता है।
ताती उचेलत।
तवे पर से गरम-गरम उठाते हैं। किसी कार्य में जल्दी मचाने पर कहते हैं।
ताँबे की मेख, तमासो देख।
पैसे के जोर से संभव-असंभव सब कुछ हो सकता है। पैसा ताँबे का ही बनता है और ताँबे की कील जितनी लंबी हो उतनी ही गाड़ते चले जाओ।
ताल तौ भोपाल ताल और सब तलइयाँ। / रानी तौ कमलापत1 और सब रजइयाँ।। / गढ़ तौ चित्तौर गढ़ और सब गढ़इयाँ। / राजा तो छत्रशाल और सब रजइ
(1-छत्रशाल की रानी का नाम था।)
ताल न तलैया, बोओ सिंगारे भैय्या।
न ताल है, न तलैया, सिघाड़ों की खेती करेंगे ! उपयुक्त साधन के बिना काम करना हँसी की बात है।
तिन चोर सो बज्जुर चोर।
जैसा तिनका चुराने वाला छोटा चोर, वैसा बड़ा चोर। चोर तो हर हालत में चोर कहलायेगा।
तिरिया चरित जानें नहिं कोय। खसम मार कें सत्ती होय।।
स्त्रियों के चरित्र को जानना कठिन है।
तिरिया तो में तीन गुन, औगुन हैं लख चार। / मंगल गावे सत रचे, कोखन उपजें लाल।। / तिरिया रोवे पुरुष बिना। खेती रोवे मेह बिना।।
पुरुष के बिना जैसे स्त्री का जीवन व्यर्थ है वैसे ही वर्षा के बिना खेती व्यर्थ होती है।
तिली, तमाखू, सावनी। फिर मन समझावनी।।
तिली और तमाखू सावन में ही बो देना चाहिए। बाद में बोना तो मन समझाना है।
तीजे चाँवर सीजें। चौथे लोक पसीजें।।
तीन दिन में कड़े चावल मुलायम हो जाते हैं और चार दिन में कठोर हृदय का मनुष्य भी पसीज जाता है।
तीतर के मों लच्छमी।
तीतर की वाणी सफल हो! अथवा क्या पता तीतर क्या कहे ? उसके मुंह में तो लक्ष्मी का वास है।
तीन कोस लों मिलै जो काना, तौ फिर लौट घरै आना।
यात्रा में काने का मिलना शुभ नहीं मानते। तीन कोस चल चुकने के पश्चात भी यदि उससे भेंट हो जाय तो लौट कर घर आ जाना चाहिए।
तीन तिकट महा बिकट।
तीन एक से धूर्त आदमी इकट्ठे हो जायें तो उनसे पार पाना कठिन होता है।