अक्षर: स
अक्षर 'स' से शुरू होने वाली कहावतें
arrow_back वापस जाएंसौ सुनार की, एक लुहार की।
सुनार की सौ चोट लुहार की एक चोट के बराबर होती है। जबर्दस्त की एक चोट ही भयंकर समझनी चाहिए।
सौ सौ जूता खायें तमासो घुसकें देखें।
लड़ाई झगड़ों की परवा न करके जबर्दस्ती तमाशा देखने वालों पर व्यंग्य।