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बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: अ

अक्षर 'अ' से शुरू होने वाले शब्द

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अक्ताँ [aktAM]

वि.
क्रि. पहले से.

अक्ती [aktI]

सं.स्त्री.
अक्षया तृतीया, वैशाख शुक्ल तृतीया.

अखरबौ [akharabau]

क्रि.अ.
बुरा लगना, चुभना.

अखुआ [akhuA]

सं.पु.
पेड़-पौधे की डाल या आलू कंदों पर वह भाग जहाँ से पत्ते या टहनी निकलने के आसार होते हैं। गन्ना व बाँस की जाति के पौधे की प्रत्येक गाँठ पर अखुआ होता है.

अख्ती [akhtI]

सं.स्त्री.
त्यौहार.

अंगट्ठाने [angaTThAne]

सं.पु.
सौभाग्यवती स्त्रियों द्वारा पैर के अँगूठे में पहना जाने वाला चाँदी का गहना.

अगनउआ [aganauA]

सं.पु.
पुष्य नक्षत्र.

अगनियाँ [aganiyAM]

वि.
अधिक मास/पुरुोषत्तम मास/ पंचाग के अनुसार हिंदी महीनों के आधार पर तेरह मासी संवत् कार्तिक माह दो बार पड़ता है।.

अगबौ [agabau]

क्रि.अ.
भोजन आदि खाने से मन का तृप्त होना.

अगयाबौ [agayAbau]

क्रि.स.
तपाकर किसी वस्तु को पवित्र करना.

अगरासन [agarAsan]

सं.स्त्री.
खाना खाने या खाना परोसने से पहले गाय के लिए निकाला गया खाद्य अंश.

अगरिया [agariyA]

सं.पु.
एक जाति.

अगरी [agarI]

वि.
किसी वस्तु की बाँट से अधिक तोल.

अंगरेज [angarej]

सं.पु.
इंगलैण्ड देश का रहने वाला .

अगल [agal]

सं.स्त्री.
बैलगाड़ी के अगले हिस्से में अधिक वजन होने से आगे की ओर झुकना.

अगवान [agavAn]

वि.
आगे चलने वाला, पहल करने वाला.

अगवारी [agavArI]

सं.स्त्री.
चूल्हे का अग्रभाग जहाँ पर रोटी को अंगारों पर सेंका जाता है.

अगाऊ [agAU]

वि.
सौदे के लिए प्रतीक रूप में दी जाने वाली अग्रिम धनराशि.

अगाताँ [agAtAM]

वि.
क्रि. पहले से या समय से पूर्व.