बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: अ

अक्षर 'अ' से शुरू होने वाले शब्द

arrow_back वापस जाएं

अगिन [agin]

सं.स्त्री.
आग, जलन.

अंगूठी [angUThI]

सं.स्त्री.
उंगली में पहना जाने वाला गहना.

अंगेजा [angejA]

वि.
क्रि. समूचा समेट लिया जाना.

अगोट [agoT]

सं.पु.
प्रातःकालीन शिकार, जो प्रायः जलाशयों के किनारे मछली आदि पकड़ते हैं.

अगोटबौ [agoTabau]

क्रि.स.
कब्जा जमाना.

अगोंनयाँ [agonnayAM]

सं.पु.
आतिशबाजी चलाने वाले.

अगोनी [agonI]

सं.स्त्री.
चूल्हे से निकाली गई लकड़ी या कंडे की जली हुई आग, जिस पर दाल या दूध आदि को गर्म बने रहने के लिए रखा जाता है.

अगोर [agor]

सं.स्त्री.
तालाब के आसपास की भूमि.

अग्गा [aggA]

सं.पु.
गढ़ के सामने घोड़ा जाने वाला मैदान या मकान के सामने खुली हुई जगह.

अग्गासना [aggAsanA]

क्रि.स.
भरी बैलगाड़ी से बेल खोलकर उसे खाली करने के लिए जुए.

अग्गासबौ [aggAsabau]

क्रि.स.
बैलगाड़ी आदि वाहन के अगले भाग को ऊपर उठाकर पिछले भाग को नीचे करना.

अघन [aghan]

सं.पु.
आगहन, अगहन.

अघाबौ [aghAbau]

क्रि.स.
भोजन करना.

अचकाचाबौ [acakAcAbau]

क्रि.अ.
पढ़ने में हिचकना, अटक-अटक कर पढ़ना.

अचरा [acarA]

सं.पु.
आँचल, साड़ी का पल्लू.

अचला [acalA]

सं.पु.
साधुओं द्वारा पहना जाने वाला बिना सिला हुआ वस्त्र, इसको पीछे से लपेटकर आगे के दो ऊपरी छोरों को एक-दूसरे पर चढ़ा कर गर्दन के पीछे आपस में गाँठ लगा दी जाती है.

अँचहड़-पँचहड़ [aMcahaR-paMcahaR]

सं.स्त्री.
दहेज में दी जाने वाली वस्तु विशेष.

अचैउन [acaiun]

सं.पु.
हाथ-मुँह धोने के पश्चात् गिरा हुआ जल.