बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: अ

अक्षर 'अ' से शुरू होने वाली कहावतें

arrow_back वापस जाएं

अतै सो खपै।

अति करने वाला मारा जाता है।

अथाई1 के लोग टिड़कना2 और नकटा नाऊ।

(1.बैठने का स्थान, घर के सामने का चबूतरा, चौबारा। 2.तिनकने वाले, बुरा मानने वाले।) गाँव का नाई नकटा है और अथाई के लोग उसे देख कर तिनकते हैं क्योंकि नकटे को देखने से अशकुन होता है।

अदकुचले साँप।

ऐसा दुष्ट व्यक्ति जिसे पूरा दण्ड दिये बिना छोड़ दिया गया हो।

अँदरा कबै पतयाय जब आँखन देखे।

अंधे को किसी बात का तभी विश्वास होता है जब आँखों से देखे। मूर्ख को हर बात का प्रत्यक्ष प्रमाण चाहिए।

अंदरा की सूद।

अंधे की सीध। बेअंदाज का काम।

अँदरा खोदे काँदी मेव गिने ना आँदी।

अंधा आदमी घास खोदते समय न तो मेह की परवा करता है, न आँधी की। आँख मूंद कर काम करना।

अँदरा बाँटे जेवरी1 पाछें बछरा खाय।

(1-मूँज की रस्सी।) अंधा रस्सी बँट रहा है और पीछे बछड़ा खा रहा है। जब मनुष्य अपने परिश्रम से उपार्जित धन की रक्षा न कर सके और दूसरे उसका उपभोग करें तब कहते हैं।

अँदरा बाँटे रेवड़ी चीन चीन कें देय।

किसी वस्तु को बाँटते समय हेर-फेर कर अपने जान-पहिचान वालों को ही देना।

अदियाँ आप घर, अदियाँ सब घर।

पूरे में से आधा अपने लिए और आधा सब घर के लिए। लालची व्यक्ति के लिए।

अधरम सें धन होत है बरस पाँच कै सात।

अन्याय से कमाया गया धन बहुत दिनों नहीं रहता।

अधिक स्याने की बाँसे1 से उड़ाई जात।

(1.नाक के ऊपर की हड्डी।) अधिक स्याने की नाक बाँसे समेत काटी जाती है। जो जितना चतुर होता है वह उतना ही अविक धोखा भी खाता है।

अँधियारी गई कै चोर।

अंधेरी रात आने पर चोर चोरी करता ही है। जब कोई मनुष्य खोटा काम करके छिपाये तब कहते हैं। तात्पर्य यह कि तुम्हारी तो आदत पड़ गयी है, मौका पाते ही तुम फिर वही बुरा काम करोगे, तब पता चल जायगा।

अधीरे कौ लेवे नईं, उछीने कौ खावे नईं।

उतावले से कभी ऋण न ले, ओछे का कभी अन्न ग्रहण न करे; क्योंकि उतावला आदमी जल्दी पैसा वापिस माँगेगा, और ओछा खिलाने-पिलाने का अहसान जतायेगा।

अंधेर नगरी चौपट्ट राजा, टके सेर भाजी टके सेर खाजा'।

(1-एक प्रकार की मिठाई) जहाँ शासन में कोई विधि-व्यवस्था न हो वहाँ कहते है।

अन बियानी कौ घी बांधत।

जो गाय बियानी नहीं उसके घी की आशा करना।

अनगायें खेती, बनगायें बंज।

किसी गाँव में खेती और किसी दूसरे में व्यापार, यह नीति ठीक नहीं।

अनबद खेला।

बिना बँधा बछड़ा। स्वतंत्र व्यक्ति।