बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

गेहूं से बने व्यंजन

रोटी (चपाती)

प्रत्येक क्षेत्र प्रत्येक प्रांत में रोटी का प्रचलन है बिना रोटी अर्थात चपाती के भोजन पूर्ण नहीं होता अंतर इतना है कहीं तबा रोटी कहीं कायला की रोटी कहीं तंदूरी…

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बिर्रा की रोटियाँ (मिसरी रोटी)

खाद्य सामग्री - गेहूँ चना को बराबर बराबर मिलाकर चक्की से पिसा आटा परिवार के सदस्यानुसार नमक आवश्यकतानुसार । विधि - बिर्रा आटा को बड़ी परात (कोपर) में डालकर गोल…

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माड़े

माड़े - सामग्री - महीन (गेहूँ आटा) मेंदा आटा विधि - महीन गेहूँ आटा, मेंदा की भांति गहरी परात (कोपर) में रखकर पानी डालें थोड़ा गीला माड़े एक घण्टा को…

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फरा

फरा - मीठे एवं नमकीन दोनों प्रकार के बनते हैं । सामग्री - गेहूँ, आटा आधा किलो दूध, गुड़ या शक्कर घी या तेल आवश्यकतानुसार इलायची । विधि - गेहूँ…

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सुऑरी (पुड़ी)

सामग्री - गेहूँ का आटा, नमक, तेल, घी । विधि - सदस्य संख्यानुसार गेहूँ को आटा चोकर सहित परात (कोपर) में रखें तेल का मोन डालें आवश्यकतानुसार नमक-पानी डालते हुए…

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सीरा (लपसी)

यह बुन्देलखण्ड का प्रसिद्ध और रोचक मिष्ठान है जिसे लपसी या सीरा कहते हैं। पुड़ी अर्थात् लुचई, सुऑरी जब भी बनती है तब बुन्देलखण्ड में सीरा अर्थात लपसी जरूर बनेगी…

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चीला (गेहूँ)

बुन्देलखण्ड के परम्परागत व्यंजन में चीला व्यंजन बहुत प्रसिद्ध है रोचक एवं स्वादिष्ट होते हैं यह दो प्रकार से पकाये जाते हैं। नमकीन चीला और मीठा चीला, चीला का स्वाद…

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पूरन पुड़ी (बिड़ई)

पूरन पुड़ी अर्थात बिड़ई बुन्देलखण्ड के गाँव-गाँव शहर शहर में मीठा व्यंजन के अंतर्गत आने वाले अति प्रचलित व्यंजन में से है। जिसे बड़े स्वाद व रूचि के अनुरूप पकाया…

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सिमईयाँ

बुन्देलखण्ड में सिमईयाँ तीन प्रकार से बनाई जाती हैं - 1. मशीन द्वारा - लोहा या पीतल की मशीन द्वारा गेहूँ आटा गूँथ कर बनाना और धूप में सुखाना ।…

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गुजियाँ

बुन्देली लोक संस्कृति में गुजियाँ तीज-त्यौहारों का प्रमुख पकवान है, होली, दीवाली, हरितालिका, जन्माष्टमी, संक्रांति, शिवरात्रि जैसे पावन पर्वों पर विशेष रूप से तैयार किए जाते हैं । प्रसाद एवं…

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खुरमा

खुरमा दो प्रकार के तैयार किए जाते हैं। (1) मीठे खुरमा (2) नमकीन खुरमा। दोनों का स्वाद अलग-अलग होता है किन्तु पकाने की विधि एक होती है मीठे खुरमा विशेषकर…

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गकरियाँ

बुन्देलखण्ड के व्यंजन में प्रसिद्ध व्यंजन है गकरियाँ इस व्यंजन को हर वर्ग के परिवारों में पसंद किया जाता है । अतः बुन्देली व्यंजन में रोचक, स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन…

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लोल कुचइया (अंगरभुसा)

गेहूं के आटा की मोटी रोटीनुमा अथपऊ अर्थात हाथों से गोला आकार देकर बनाई जाती हैं । चूल्हे के जलते अंगारों पर रखकर सेकी जाती है, घी लगाकर खाने में…

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पंजीरी

गेहूं से बनें भोज्य पदार्थों में पंजीरी विशेष अवसर में तैयार की जाती है। जैसे सत्य नारायण की कथा में, जन्माष्टमी पर्व पर भोग के लिए तथा पंजीरी में खोबा…

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दरिया (दलिया)

गेहूं साफ करके आटा चक्की से दरदरा पिसवाया जाता है । छन्नी तीन प्रकार की होती है महीन, मध्य से थोड़ा दरदरा, तीसरे प्रकार में मोटा दरिया छानकर आता है…

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